भारत के इस hindu राजा ने भारत को बनाया था सोने की चिड़िया - जानिए आप भी

भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि इस देश को सोने की चिड़िया किसने बनाया !

भारत जैसे विशाल देश पर यूं तो कई राजाओं ने राज किया और इस देश की कई विरासतें बदली लेकिन किसी राजा ने इस देश को लूटा तो किसी राजा ने इस देश को सोने से भर दिया । लेकिन इन सभी मे से एक राजा ऐसे थे जिन्होंने भारत को सोने से भर दिया ओर तभी से भारत को दुनियाभर में सोने की चिड़िया वाला देश कहा जाने लगा । तो आइए आपको बिना देर किए बताते है -






महाराजा विक्रम आदित्य के शासनकाल मे भारत सोने की चिड़िया बन पाया था । इस काल को भारतवर्ष का स्वर्णित काल माना जाता है। दरअस्ल उज्जैन के राजा गणधर की 3 सन्तानों में से सबसे छोटे थे राजा विक्रमादित्य । कहा जाता है कि आज हिंदुस्तान की संस्क्रति ओर नाम केवल राजा विक्रमादित्य के कारण ही बन पाया है । रामायण और महाभारत जैसे महाग्रंथ खो गए थे और महाराजा विक्रमादित्य ने इनकी पुनः खोज करवा कर इन्हें स्थापित किया था । देश मे उन्होंने भगवान शिव और भगवान विष्णु जी के अनेको मंदिर बनवाये ओर सनातन धर्म की रक्षा की । विक्रमादित्य के 9 रत्नों में से एक थे कालिदास जिन्होंने अपने ज्ञानशकुंतलम की रचना की है इस ग्रन्थ में भारत का पूरा इतिहास समाहित है । जब भारत मे उसी के ग्रन्थ खोने की कगार पर पहुंच गए थे तब राजा विक्रमादित्य ने देश की भागदौड़ संभाली ओर सनातन धर्म के साथ-साथ भारतीय संस्कृत को भी समृद्ध बनाया । राजा विक्रमादित्य के शासन काल मे विदेशी व्यापारी भारत के कपड़े को सोने के वजन से खरीदते थे इस वजह से भारत के इतना सोना आ गया था कि उस काल मे मुद्रा के रूप में सोने के सिक्के चलते थे । पराक्रमी , बलशाली ओर बुद्धिमान विक्रमादित्य एक ऐसे राजा थे जिनके हर नियम धर्म शास्त्रों के अनुसार हुआ करते थे। रामराज के बाद विक्रमादित्य का शासनकाल सर्वश्रेष्ठ माना गया इस काल मे प्रजा धर्म का पालन करती थी । भारत को इतनी समृद्धि ओर संस्कृति प्रदान करने वाले राजा विक्रमादित्य के बारे में बहुत ही कम लोग जानते है ।
तो दोस्तो अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो हमारे चैनल को follow करना न भूले ।

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